रिंकी बागड़ी की रिपोर्ट

पटना ( बिहार ) :- बिहार के करीब 39 हजार सरकारी और निजी विद्यालय सोमवार से खुल जायेंगे। छठी से आठवीं तक के इन सभी स्कूलों की हर कक्षा में रोजाना अधिकतम 50 फीसदी बच्चे ही आएंगे। शेष 50 फीसदी बच्चे अगले दिन स्कूल जाएंगे। हालांकि रोज शिक्षकों की शत-प्रतिशत मौजूदगी रहेगी।

अधिक नामांकन वाले स्कूल दो पालियों में चलेंगे। हर पाली का समय परिस्थिति के मुताबिक कम किया जा सकेगा। आठ फरवरी से मध्य विद्यालयों को खोलने का निर्णय 29 जनवरी को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई आपदा प्रबंधन समूह की बैठक में हुआ था। शुक्रवार को शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने सोमवार से मध्य विद्यालयों को खोलने से संबंधित विस्तृत गाइडलाइन जारी की।

सभी जिलाधिकारी और सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को जारी निर्देश के मुताबिक, विद्यालयों में सामाजिक व भौतिक दूरी का पूरी तरह ख्याल रखना होगा। ऐसे आयोजन नहीं होंगे, जिनमें भौतिक व सामाजिक दूरी टूटे। समारोह व त्योहारों के आयोजन से स्कूल बचेंगे। प्रार्थना सत्र सामूहिक रूप से नहीं होगा।

इसकी जगह हर कक्षा में शिक्षक की देखरेख में विद्यालय एसेंबली हो सकती है। प्रधान सचिव ने निर्देश दिया है कि विद्यालय या उसके नजदीक में स्वास्थ्य परीक्षक, नर्स, डॉक्टर और काउंसिलर की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। शिक्षक एवं विद्यार्थियों की नियमित स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था हो। सभी सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों को दो-दो मास्क जीविका के माध्यम से दिए जायेंगे।

टास्क टीमें बनेंगी, स्वघोषणा पत्र देना होगा

विद्यालयों में आकस्मिक सुरक्षा संबंधी तैयारी करने के लिए टीम गठन करने का निर्देश दिया गया है। ये टीमें विद्यालय के सेनेटाइजेशन, साफ-सफाई, सामाजिक दूरी का पालन कराने के लिए उत्तरदायी होंगी। इस टीम में विद्यार्थी, शिक्षक, विद्यालय शिक्षा समिति के सदस्य शामिल होंगे। साथ ही सभी विद्यार्थियों, अभिभावकों, माता-पिता से उनके स्वास्थ्य संबंधी स्थिति और अद्यतन यात्रा से संबंधित स्वघोषणा पत्र लिया जाएगा।

कक्षा से स्वागत रूम तक छह फीट की दूरी

गाइडलाइन के मुताबिक, कक्षा में दो विद्यार्थियों के बैठने की व्यवस्था छह फीट की दूरी पर होगी। स्कूल में एक सीट का बेंच-डेस्क हो तो इसे भी छह फीट की दूरी पर रखना होगा। स्टाफ रूम, कार्यालय कक्ष, आगत कक्ष में भी बैठने की व्यवस्था इतनी ही दूरी पर की जाएगी। विद्यालय के प्रवेश एवं निकास द्वार से वर्गों के विद्यार्थी क्रमवार आएंगे-जाएंगे, ताकि भीड़ जमा न हो। वर्ग कक्ष का साइज छोटा होने पर कम्प्यूटर रूम, लाइब्रेरी, प्रयोगशाला आदि का इस्तेमाल भी छात्रों के बैठने के लिए किया जाएगा।

स्कूल खोलने के पहले और बाद की तैयारियां भी तय

गाइडलाइन में स्कूल खुलने के पूर्व और बाद की तैयारियों को भी स्पष्ट किया गया है। स्कूलों में साफ-सफाई की सुविधा, डिजिटल थर्मामीटर, साबुन आदि की व्यवस्था विद्यालय शिक्षा समिति करेगी। स्कूल को सेनेटाइज किया जाएगा। स्कूल कैंपस की रोजाना सफाई करनी होगी। स्कूलों में बाहरी वेंडरों के प्रवेश पर रोक रहेगी। बच्चे घर से पका हुआ लंच ले जाएंगे। स्कूलों में पानी एवं साबुन की व्यवस्था होनी चाहिए। कुंडी, डैशबोर्ड, बेंच-डेस्क को निरंतर सेनेटाइज करना होगा। स्कूल बसों को रोजाना दो बार सेनेटाइज किया जाएगा।

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